Ishq

By Malavika A

चल साथ चलते हैं 
इन बगीचों के बीच से 
पेड़ों के नीच से 
चल साथ चलते हैं l 
 
हम न रानी थे 
तुम न शहज़ादे 
हम तो शायर थे 
और तुम थे दीवाने l 
 
तेरी नज़र लगते ही 
बदन का इशारा मिल जाता 
आँखे मिलती, 
और रूह का दामन खिल जाता l 
 
डरना भी क्यों? गहरा है पर 
इश्क़ तो शहद का झरना है 
आखिर साथ कूदकर 
इसमें ही तो मरना है! 

1 comment

  • डरना भी क्यों? " फिर " साथ क्यों कूदना है ????????????

    Siddharth Sharma

Leave a comment