बचपन

Jyoti Mishra
बेवक्त कुछ था और बेवक्त कुछ नहीं भी
झसी ऐहसास के साथ वो कहीं जुदा हो गई
बचपन की याद वक्त के साथ साथ औंर भी गहरी हो गई
जिन आखों ने बचपन मे बड़े होने का ख्वाब देखा था
वो आज फिर बचपन को जीने का ख्वाब देखने लगी
आज भी याद करूं बचपन अपना तो बहुत कुछ याद आता हैं
जरा जरा सी बात पे रो देना औंर फिर रोता हुआ देख
चुप कराने का वो एहसास अब भी याद आता हैं
अपनों का हर कदम पे हमें संभालना
आज भी गिरने के बाद आख भर जाती हैं
रातों मे वो एक सुकून की नींद आज भी हमें चांद तारें देख सोने को कह जाती हैं
जिंदगी के खेले गए खेल में कुछ यू ऊल्झ से गए हैं
हम आज भी बचपन मे खेल खेल मे सीखा गया हर वो एक सबक याद करते हैं
मासूम थे वो पल तभी आज भी हमें उन मासूम चेहरों की याद दिला जाता हैं
जीद मे हासिल की हुई चीजें आज मंजिलों को पाने की जीद करना सीखा जाता हैं
रूठो को मनाना औंर फिर बदले में खुद ही रूठ जाना
तरह तरह के कीस्से ....
मुझे फिर वापस बचपन में है जा कर सुनाना
वक्त रेहते जो बदल न सके हम
आज वक्त बदलने के बाद अपनी याद दिलाता है
बचपन ही था वो मेरा दोस्तों
जो रेह रेह कर अपनी एक प्यारी याद दिलाता है

12 comments

  • Wow amazing 😊

    Kaushal
  • Thanku Soo much guys for your lovely comments and support. Really means a lot.

    Keep supporting and motivating me…

    Jyoti Mishra
  • Bruh keep rocking the same

    Poornima Tripathi
  • Nicely written.
    Well done…👍

    Akshay Gupta
  • Tera roop jaise kali ho gulab ki
    Tere lafz jaise baansuri ho shyam ki🥳

    Swapnil
  • Well written jyoti😍 keep it up

    Farzaad
  • Nicely written

    Piyoosh Pandagre
  • बचपन की यादें हैं जो ताज़ा हैं,
    कल जो हुआ मैं भूल गया।
    इस अफारा-तफरी का दावा है
    बड़ा हुआ मै जो एक भूल हुआ।
    :- roohdaar

    Bahut bahut shubhkamnaye
    Well done Jyoti ❣️

    Manish
  • Bachpan ki yaadein tazaa ho gayi ❤✨ Beautifully written Jo 😇

    Isha
  • Yaad dila thi bachpan ki Jyoti, Nostalgic!!

    Denni
  • Keep going 😘 i just love your poetry.. It has the capability to touch people’s heart. Reminded me of my childhood.

    Apurva singh
  • Reminds me the good old days of my childhood.

    Paulwin

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