Parthasarthy – Delhi Poetry Slam

Parthasarthy

By Arushi Agarwal 

 

कृष्ण हें सारथी और हम रथ पर सवार
अर्जुन जैसे क्या समझ कर अपना पाएंगे गीता का सार

थक कर जब हालातों से, मानना चाहो तुम हार
उठो, करो प्रयत्न - क्या पता जीत लिखी हो इस बार

और फिर भी अगर होना पड़े निराश, दिखे सामने बस अंधकार
रखना भरोसा, दे रहा होगा वो तुम्हे कोई सीख अपार

मत अड़ जाना तुम अपनी ज़िद्द पर, लेकर अपने सारे हथियार
रचना पड़ जाएगा उसको वही खेल, जब तक तुम न बदलोगे अपना विचार

छोड़ दो चिंता, दो अपने कर्मों को रफ़्तार
समय आने पर मिल जाएगा तुम्हे , जो कुछ है तुम्हारा अधिकार


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