By Nikhil Tewari
में हूँ शोषण मीडिया।
में मानसिक दिवालियापन हूँ
विचारों का चीरहरण हूँ
शब्दों का कुपोषण हूँ
में सोशल नहीं में शोषण हूँ।
में सुनता कम हूँ
बोलता ज्यादा हूँ
में सोचता कम हूँ ।
लिखता ज्यादा हूँ।
जहाँ बात गहरी है वहाँ दुनिया बहरी है
1 मिनट की Reel में पूरी दुनिया मेरी है।
यहाँ पैदा हुई ज़मात नयी
कुछ यूटूबर कुछ टिकटॉकर ।
ये आज के खलनायक
ईगो सटिस्फायक़
शून्य से सन्न हो जाते है
बुखार कुछ ऐसा है
लाइक शेयर कमेंट से Viral हो जाते है।
ये बाशी कोई अख़बार नहीं
पल में भविषय दिखाते है
कल जो करना था इनको , उसका आज Status लगाते है।
ये Casual है
Unusual है
ये Virtual है
जिसकी हर बात मे एक Sarcasm है
हर जगा छाया है
सबकी नशों में इसका Orgasm है।
यहाँ लोग Hashtag से जाने जाते है
दो रूपये की चीज़ को 100 का दिखाते है
दान भी देते है सेल्फी भी खीचाते है।
इस ब्रह्नमणड में भ्रम का Scene है
ना इसकी दवा ना कोई Vaccine है
Reel से Real जाने में ही समझदारी है
ये Corona से बड़ी महामारी है ।