By Anant Bhasker Rai
अभी शामें नशीली हैं, अभी रातें अंधेरी है
अभी खामोश है दरिया, चले आओ, चले आओ
अभी न तुम पे पाबंदी, अभी न हम पे पहरा है
अभी आजाद है हम तुम, चले आओ, चले आओ
अभी जो राह पकड़ी है, वो अनजान बहुत है
किस सितारे को पुकारे, चले आओ, चले आओ
अभी मुझसे जुदा हो कर, वो बेहद अकेला है
जरा एक बार तो कह दे, चले आओ, चले आओ
अभी बहुत से जश्न है, अभी बहुत सी खुशियाँ है
रोने को चाहिए कंधा, चले आओ, चले आओ