मेरे सपने - जूनून भी सुकून भी...

NEHA SINGH PARIHAR

पलकों के पालने में सजा है एक सपना,
जब मैं जागती तो वो भी जागता,
जब मैं सोती तो भी वो जागता,
एक दिन पूछा मैंने उसको -
नींद नहीं आती तुमको ?
तो कहा सपने ने मुस्कुराते हुए ,
 कौन आता है रोज़ तुम्हे उठाने के लिए !
तू जब भी सोती ,
मेरे ही बीज बोती।
और जब जागती ,
तो मझे बड़ा करने की आरज़ू में लग जाती।
तेरी नींद ही मेरा सुकून है।
और तेरा जागना मेरा ही जूनून है।

3 comments

  • Wonderful.. Such a deep though.

    Pramod
  • Teri neend hi mera sukoon h aur tera jagna mera hi junoon h…….
    Ye lines bht achhi h….

    Vikram
  • wah.
    junoon hi jine ka salika hai…
    aye spne dekh yahi humare jeene ka tarika hai…..

    swadesh

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