जोधपुर

 By Rakesh Kawar

सूर्य नगरी जोधपुर से कराऊ आपको परिचित,

राजस्थान का यह शहर है बड़ा ही ऐतिहासिक।

भव्य उम्मेद भवन में राजा गज सिंह आज भी है निवासित,
सन 1459 से मेहरानगढ़ का किला रहा अपराजित।
 
उसके बुलंद दरवाजे सिखलाए हमको वीरता और पराक्रम,
ऊपरी चोटी से नीले शहर का दृश्य देख होता है बड़ा गर्व।
विदेशी पर्यटक का इस पसंदीदा स्थल पर रहता है मेला,
बरकतुल्ला खान स्टेडियम में लगा रहता है अनोखा खेला।
मुजरो सा कह प्रणाम कर लोगो का करें  स्वागत।
मीठी मारवाड़ी खातिरदारी से करते हैं सबका सादर,
चतुर्भुज की किटी की चक्की और गुलाब जामुन में है अलग मिठास,
सूर्या के समोसे और मिर्ची बड़े लगे तीखे फिर भी है लाजवाब।
चक्की की सब्जी को खाकर चाहे जितना पेट फूटे,
चावल की कबूली को देख मुंह में पानी ना रुके।
त्रिपोलिया, सोजती गेट पर क्या खूब की खरीदारी,
बी रोड की दुकानों से थैले भर जेबे हुई खाली।
प्रसिद्ध लाल पत्थर ने बढ़ाई कितने ही घरों की शोभा,
रंग बिरंगी बांधनी साफा व चुंदड़ी ने सबका दिल मोहा।
मंडोर व कायलाना झील में सपरिवार पिकनिक मनाते,
घंटाघर को देखने तो कई मुसाफिर भी आते।
पीपल के पेड़ के नीचे था मेरा श्रद्धा बंगला सुनहरा,
पामेरियन कुत्ता जैकी देता था जिसका पहरा।
रात को तारे गिन ठंडे बिस्तर पर सोने में सुकून था,
तोते की आवाज से सुबह नींद से जगने का जुनून था।
भैरू बाग के मंदिर दर्शन कर,
सवेरे नेहरू उद्यान की सेर लगाते।
गाय की आवाज सुन गेट पर रोटी लेकर दौड़ते,
फिर चौक में बचपन के खेल खेलने रुकते।
जब मां कहती जरा छत की टंकी में पानी की जांच करना,
तो फट से सीढ़ियों के नीचे के गोदाम में जाकर छुप जाते।
दूर हूं पर आज भी उन गलियों में मेरा दिल धड़कता है,
बचपन की प्यारी यादों का खजाना झलकता है।
इस मनवार, खानपान व शाही संस्कृति से आपको भी कराऊ रुखसत,
जहां प्यार, आदर और अपनेपन की मुझे मिली विरासत।
चलो कभी आप भी जोधपुर में जहां थमने को जी करता है,
चाहे जितना भी दूर जाओ वह अपनी ही ओर खींचता है।
 
 

6 comments

  • Kya ऊमदा elaboration kia h wow

    Anshul Sura
  • बेहतरीन रचना 👌👌👌👌

    Sumita kanwar
  • Wow superb

    Bela parakh
  • Superb..

    Neha
  • Bahut kamaal

    Saransh dwivedi
  • वह अपनी और खींचता है !!

    बहुत ही बढ़िया

    Abhishek Patel

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