ये मेरे मुल्क़ को क्या हो चला है

ये मेरे मुल्क़ को क्या हो चला है
अमन का पेकर हिंदुस्ताँ आज बेसुकून बेकरार हो गया है
चारों ओर शोर गूंजता बस गोलीयों और गालीयों का यहां है
अपने ही हमवतनों को दुश्मन समझ बैठा हर इक इंसाँ यहां है
मज़हबों में बंटे हैं सब , नहीं बचा कोई हिंदुस्तानी यहां है
मुट्ठी भर लोग हैं कोशिश जो कर रहे हैं राह सबको दिखाने की
तनाज़ये इतने हैं के उन्हीं को दुश्मन ज़माना समझ रहा है
सियासत के इस खेल में मेरा मुल्क़ जल रहा है।।
बस करो ये लड़ाईयां 
मेरे वतन का सुकून लौटा दो
वो पुर अमन फ़ज़ा लौटा दो
सियासत के इन चक्करों से निकल
मुझे मेरा हिंदुस्ताँ लौटा दो
वो के जिसका पूरी दुनिया में बोलबाला था
वो चमन लौटा दो
हर मज़हब के लोग हैं यहां के शहरी
मुझे बस वो भाईचारा लौटा दो
ना हो किसी को महसूस कभी ग़ैर महफ़ूज़ यहां
मुझे बस वो ग़ुरूर लौटा दो
आपस में रहे थे जैसे हमेशा 
आज़ादी के वक्त जैसी हवा लौटा दो
वो पुर अमन फ़ज़ा लौटा दो
वो पुर अमन फ़ज़ा लौटा दो
मुझे मेरा हिंदुस्ताँ लौटा दो।।

6 comments

  • Thank you everyone

    Sumayya Hasan
  • I want to also participants in this competition…

    Mohini Verma
  • Wonderful 💛

    Bipasha Gayary
  • Awesome 💛

    Shabiha
  • Awesome

    Ruppesh Nalwaya
  • Awesome

    Ruppesh Nalwaya

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