Log Kya Kahenge

By Riya Patel

"पापा मुझे arts करना है,
Science नही होगा मुझसे। "
"10th मे 90% आए है तुम्हारे,
Science नही लोगे तो,
लोग क्या कहेंगे। "

"माँ मुझे अभी शादी नही करनी,
मै तयार नही हु शादी के लिए। "
"तयार कोई नही होता,
25 कि हो गई हो अब शादी नही करोगी तो,
लोग क्या कहेंगे। "

"मुझे modelling करनी है,
मुझे सिर्फ तुम्हारा थोड़ा support चाहिए। "
"घर कोन संभालेगा,
दो बचो कि माँ होकर modelling करोगी तो,
लोग क्या कहेंगे। "

"मै 1 लड़के से प्यार करता हूं,
शादी भी उसी से करूँगा। "
"यही दिन देखने के लिए पैदा किया था तुम्हें,
लड़का होकर लड़के से शादी करेगा तो,
लोग क्या कहेंगे। "


"लोग क्या कहेंगे
उस डर से मेरे सपनों का गला ना घोटे।
आपकी परवरिश है मेरे साथ माँ पापा,
फर्क नही पड़ता कि लोग क्या कहेंगे। "

"मेरी दुनिया है मेरा परिवार,
आपको है मुझपे विश्वास,
तो फर्क नहीं पड़ता कि लोग क्या कहेंगे। "

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This poem won in Instagram Weekly Contest held by @delhipoetryslam on the theme 'What will people say / Log kya kahenge'

11 comments

  • Log kya kahenge is chakkar me kitne sapne barbad hue hai!! The world needs to have a better vision ur poem explains the concept really well💯💯

    Krisha
  • Woww amazing💘💘

    Sarrah p
  • Woww amazing💘💘

    Sarrah p
  • Beautifully expressrd ❤

    Pragya
  • Mast 👌👌👌👌

    Sinali Gupta
  • Thats cool🌸
    Good going partner

    Anuja patil
  • Very well said riya,good job.

    Komal Patel
  • Sahii..

    Shradha
  • Amazing !

    Kajal
  • Keep it up..!

    Chetna
  • Powerful!

    Kate M

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