आज प्रेम विवाह कर ले

कावेरी सिंह 

टकरा गई है आंखे

मेहफील में अभी-अभी,

वो पहली मुलाकात वाला प्यार,

हुआ है अभी-अभी।।

 

जब देख ही लिया तो इत्मीनान से दीदार कर लूं

तेरी आंखों को पढ़कर,

तेरे नाम का इज़हार कर लू...

 

छुप-छुप कर...

तुम भी देख रहे हो मुझे,

धीरे-धीरे हम भी पढ़ रहे है तुम्हें,

आओ... इस इश्क को आज सरेआम कर दे

निगाहों से होता है प्रेम तो,

चलो आज ही प्रेम विवाह कर ले।।


4 comments

  • निगाहों से होता है प्रेम तो……….प्रेम से क्या हुआ ?

    Siddharth Sharma
  • एकदम सही जा रहे हो दोनो कविता भी कमेंट भी

    Shweta
  • आओ… इस इश्क को आज सरेआम कर दे – खूबसूरत रचना

    Meetesh
  • वो पहली मुलाकात वाला प्यार,

    हुआ है अभी-अभी।। Great Lines :)

    You can check mine too here https://delhipoetryslam.com/blogs/magazine/drishaya
    Let me know what you think about it. :)

    Anirudh Krishna

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